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Strategies for Business Growth: A Comprehensive Guide

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  Strategies for Business Growth: A Comprehensive Guide "Cultivate Success: A Guide to Thriving in Your Business" Unlock the secrets to business success with our eBook, "Cultivate Success." This comprehensive guide is a roadmap for entrepreneurs and business enthusiasts eager to navigate the dynamic landscape of commerce. From strategic planning to effective marketing techniques, this eBook empowers you with the knowledge and tools needed to not only survive but thrive in today's competitive business world.       Key Features 1. Strategic Planning:- Learn the art of strategic planning to steer your business toward long-term success. Discover how to set clear goals, make informed decisions, and adapt to changing market dynamics. 2. Effective Marketing Strategies:- Dive into proven marketing strategies that resonate with your target audience. Uncover the power of digital marketing, social media, and branding to create a strong and memorable presence. 3. Financial ...

Portfolio Diversification क्या होता हैं ?

 आज का हमारा टॉपिक है – PORTFOLIO DIVERSIFICATION (पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन), आज के इस आर्टिकल में हम जानेगे PORTFOLIO DIVERSIFICATION क्या होता है, और इसके क्या फायदे है, साथ ही जानेंगे कि एक निवेशक के तौर पे हम अपने पोर्टफोलियो को कैसे डायवर्सिफाई कर सकते है, सबसे पहले बात करते है, यहाँ पर पढ़े – पोर्टफोलियो मैनेजमेंट क्या होता है,  PORTFOLIO DIVERSIFICATION क्या होता है? हमने देखा पोर्टफोलियो मैनेजमेंट क्या होता है, और अब बात करते है, पोर्टफोलियो डाइवरसिफ़ीकेशन की, DIVERSIFICATION (डायवर्सिफिकेशन) का हिंदी अर्थ होता है विविधता, सबसे पहले बात आती है, बचत की, फिर बात आती है निवेश की, फिर हम निवेश के बेहतर विकल्प की तलाश होती है, फिर हम जो निवेश करते है, उस पर हमें निरंतर लाभ कमाना चाहते है, और निवेश पर निरंतर लाभ कमाने के लिए हमें अपने निवेश के पोर्टफोलियो को इस तरीके से मैनेज करना होता है, कि हम निवेश से बेहतर लाभ भी कमाए, और बेहतर तथा निरंतर लाभ के साथ हमारा मकसद कम से कम रिस्क उठाना होता है, बेहतर अपेक्षित और निरंतर लाभ के साथ रिस्क कण्ट्रोल के सन्दर्भ में ही बात आती है ,प...

Portfolio management - पोर्टफोलियो मैनेजमेंट :

 आज का हमारा टॉपिक है – PORTFOLIO MANAGEMENT, और इस आर्टिकल में हम जानेगे – पोर्टफोलियो मैनेजमेंट क्या होता है, PORTFOLIO MANAGEMENT का मकसद क्या होता है, और साथ ही जानेंगे की एक निवेशक के लिए पोर्टफोलियो मैनेजमेंट कितना जरुरी होता है, सबसे पहले बात करते है, PORTFOLIO MANAGEMENT क्या होता है? Portfolio Management को समझने से पहले हमें इन दोनों शब्दों के अर्थ पर एक बार अलग अलग ध्यान देते है, PORTFOLIO क्या होता है? निवेश के सम्बन्ध में पोर्टफोलियो का अर्थ, निवेश की विविधता (Different types of इन्वेस्टमेंट) और निवेश का कुल योग (Total investment) होता है, अलग अलग फाइनेंसियल asset class में निवेश के कुल योग को मिलाकर एक पोर्टफोलियो बन जाता है, जैसे – किशोर अपने निवेश को अलग अलग asset class , जहा fixed deposit में 30 %, Mutual fund में 30 % और stock market में 40 % निवेश करता है, इस तरह अलग अलग asset class में निवेश किये गए कुल योग को हम किशोर का Investment Porftolio कह सकते है, ये भी कहा जा सकता है कि – निवेश पोर्टफोलियो का अर्थ, एक Planned technique है, जिसका इस्तेमाल करके निवेशक अपने...

Stock trading software क्या होता है ?

 STOCK TRADING SOFTWARE का मतलब है, हमारे स्टॉक ब्रोकर द्वारा दिया जाने वाला सॉफ्टवेयर जिसकी मदद से हम स्टॉक को खरीदते या बेचते है, आज दिनों दिन बढती टेक्नोलॉजी के ज़माने में किसी स्टॉक को खरीदना या बेचना बहुत ही आसान काम हो चूका है, आप अपने मोबाइल और कंप्यूटर कि मदद से जब चाहे, जहा से चाहे स्टॉक को खरीदने या बेचने का आर्डर दे सकते है, और ये आर्डर जितना जल्दी पॉसिबल हो, लगभग कुछ सेकंड्स में ही पूरा हो जाता है, और इस तरह कुछ ही सेकंड्स में स्टॉक खरीदने और बेचने का काम संभव हुआ है, इन्टरनेट के इस्तेमाल और स्टॉक ब्रोकर द्व्रारा दी जाने वाली MOBILE APPS और LAPTOP/COMPUTER पर STOCK TRADING SOFTWARE कि मदद से, और आज स्टॉक मार्केट पूरी तरह से इन्टरनेट से जुड़ा हुआ है, और आप हर पल मार्केट में होने वाले उतार चढाव को अपने इस STOCK TRADING SOFTWARE कि मदद से मोबाइल और कंप्यूटर दोनों पर ही देख सकते है, STOCK TRADING SOFTWARE कितने प्रकार का होता है? स्टॉक ब्रोकर द्वारा एक USER को शेयर खरीदने और बेचने के लिए STOCK TRADING SOFTWARE तीन तरह से दिया जाता है – . WEB BROWSER BASED TRADING . सिर्फ कंप्...

Trading account कैसे ओपन किया जाता हैं ?

 TRADING ACCOUNT क्या होता है, और इस आर्टिकल में हम देखेंगे कि ट्रेडिंग अकाउंट कैसे ओपन किया जाता है, सबसे पहली बात जो हमें याद रखनी चाहिए कि ट्रेडिंग अकाउंट स्टॉक ब्रोकर के पास खोला जाता है, और सभी स्टॉक ब्रोकर एक रजिस्टर्ड कंपनी होती है, और SEBI के अनुसार भारत में अभी तक लगभग 8 हजार स्टॉक ब्रोकर कम्पनी रजिस्टर्ड है, ऐसे में अगर हमें ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करना है तो सबसे पहले हमें ये तय करना होता है कि हम किस ब्रोकर के पास अपना ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करे, आप नीचे दिए गए लिंक पर सभी रजिस्टर्ड स्टॉक ब्रोकर की लिस्ट को देख सकते है- Registered Stock Brokers in equity segment और इन सभी स्टॉक ब्रोकर में से हमें तय करना होगा कि हम किस ब्रोकर के पास अपना अकाउंट ओपन करे, किसी अन्य आर्टिकल में हम देखेंगे की स्टॉक ब्रोकर का चुनाव कैसे करे, फ़िलहाल यहाँ अगर आप एक बार ये तय कर लेते है कि आपको XYZ, किस ब्रोकर के पास अपना ट्रेडिंग अकाउंट ओपन करना है, फिर आप उस कंपनी के नजदीकी ब्रांच ऑफिस में जाकर अकाउंट ओपनिंग फॉर्म भर कर दे सकते है, साथ आपको अपने कुछ KYC के DOCUMENTS और बैंक अकाउंट की डिटेल्स देनी हो...

Trading account क्या होता है :

 TRADING ACCOUNT का इस्तेमाल स्टॉक मार्केट में स्टॉक को खरीदने के लिए पैसे के लेन देन और शेयर खरीदने तथा बेचने के लिए STOCK BROKER को आर्डर देने के लिए किया जाता है, ट्रेडिंग अकाउंट हमारे DEMAT ACCOUNT के साथ LINK कर दिया जाता है, और जब TRADING ACCOUNT की हेल्प से जब हम शेयर खरीदने का आर्डर स्टॉक मार्केट को देते है, और हमारा आर्डर कम्पलीट हो जाता है तो ख़रीदे गए शेयर हमारे DEMAT अकाउंट में जमा हो जाते है , और जितने मूल्य का शेयर खरीदते है, उस मूल्य के साथ और टैक्स तथा ब्रोकरेज चार्ज के साथ हमारे ट्रेडिंग अकाउंट से पैसे कट जाते है , और इसी तरह जब हम शेयर बेचते है तो बेचे गए शेयर को DEMAT से कम कर दिए जाते है, और बेचे गए शेयर का अमाउंट हमारे ट्रेडिंग अकाउंट में ब्रोकरेज तथा टैक्स काटने के बाद जमा हो जाता है, “इस तरह ट्रेडिंग अकाउंट, सिर्फ ट्रेडिंग करने के लिए होता है, जहा पर हमारे शेयर्स खरीदने और बेचने के ऑर्डर्स और पैसो के डेबिट और क्रेडिट का रिकॉर्ड रहता है,” सभी ब्रोकर्स DEMAT और ट्रेडिंग अकाउंट साथ ही साथ खोल देते है, स्टॉक ब्रोकर और ट्रेडिंग अकाउंट हम डायरेक्टली स्टॉक मार्केट को...

Stock Market Charges - शेयर खरीदने और बेचने पर Tax and Charges :

  स्टॉक मार्केट में सभी सौदों (खरीद या विक्री) के ऊपर कुछ चार्ज लगते है, जिन्हें stock market charges कहा जा सकता है, जो की एक शेयर खरीदने और बेचने के लिए स्टॉक के मूल्य के साथ दिए जाने स्टॉक ब्रोकर कमीशन और टैक्स भी कहे जा सकते है, आज हम इसी stock market charges के बारे में बात करेंगे, ट्रेडिंग टाइप इन स्टॉक मार्केट सबसे पहले इस बात को समझे कि स्टॉक मार्केट में दो तरह की ट्रेडिंग होती है, 1 इंट्रा डे ट्रेडिंग – जिस दिन खरीदना , उसी दिन बेचना, 2 पोजीशनल ट्रेडिंग (डिलीवरी बेस्ड ट्रेडिंग) – खरीदने के अलगे दिन या उसके बाद कभी भी बेचना, ट्रेडिंग SEGMENT OF स्टॉक मार्केट और स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करने के अलग अलग सेगेमेंट भी बनाये गए है , 1 Equity segment – जिसमे सिर्फ स्टॉक ख़रीदे और बेचे जाते है, 2 Derivative Segment – जिसमे stocks future और stocks option ख़रीदे और बेचे जाते है, 3 Commodites segement – जिसमे commodites future और commodites option ख़रीदे और बेचे जाते है, 4 Currencies segement – जिसमे Currencies future और Currencies option ख़रीदे और बेचे जाते है, ये चार स्टॉक म...

Best stock Broker चुनने की प्रक्रिया :

 स्टॉक ब्रोकर क्या होता है, आज हम सीखेंगे की BEST STOCK BROKER कैसे SELECT करे, और अपना TRADING ACCOUNT और DEMAT ACCOUNT खोल सके, BEST STOCK BROKER चुनने के लिए ध्यान रखने वाली बाते – सबसे पहले आपको अपनी BEST STOCK BROKER की परिभाषा तैयार करनी होगी, ऐसा इसलिए क्योकि हर स्टॉक ब्रोकर, शेयर खरीदने और बेचने के अलावा अपनी तरफ से अपनी बेस्ट सर्विसेज देने की कोशिस करते है, ऐसे में जब हम यह तय कर लेते है कि हमें अपने स्टॉक ब्रोकर से कौन कौन सी सुविधा चाहिए, तो हम अपनी सुविधानुसार BEST STOCK BROKER का चुनाव कर सकते है, यह सबसे महत्वपूर्ण पॉइंट है, की आपको किस तरह की सुविधा चाहिए, ये आपको सबसे पहले तय करना होगा, जैसे मान लीजिये – अगर आप स्टॉक मार्केट में नए है तो आपके मन में बहुत सारे सवाल होंगे, जो आपको फुल सर्विस प्रोवाइडर स्टॉक ब्रोकर के पास जाकर आप उन सवालों के जवाब समझ सकते है, क्योकि FULL SERVICE PROVIDER आपको CONSULATNCY सर्विसेज भी देता है, दूसरी तरफ अगर आप नए है और अपने डिस्काउंट स्टॉक ब्रोकर की तरफ से या LOW FEES वाला स्टॉक ब्रोकर CONSULTANCY की सुविधा नहीं देता है, तो ऐसे में, जरु...

स्टॉक ब्रोकर क्या होता हैं ?

 STOCK BROKER जैसे – ICICI DIRECT, SHERKHAN, ANGEL BROKING, ZERODHA, वह व्यक्ति कंपनी या फर्म होता है, जो अपने क्लाइंट के शेयर खरीदने और बेचने के आर्डर को स्टॉक मार्केट तक पहुचता है, जब हम अगर कोई शेयर खरीदना चाहते है तो हम अपना आर्डर डायरेक्टली स्टॉक मार्केट को नहीं दे सकते, हमें एक ब्रोकर की जरुरत पड़ती है, हम अपने स्टॉक मार्केट को स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग अकाउंट की मदद से आर्डर देते है की हमें कौन सा शेयर कितनी मात्र में खरीदना और कौन सा शेयर कब बेचना है, और स्टॉक ब्रोकर हमारे सभी खरीदने और बेचने के आर्डर को स्टॉक मार्केट में कम्पलीट कराने का काम करता है, और इसके बदले वो हमसे जो फीस लेता है उसे ब्रोकरेज कहते है. आजकल शेयर्स की खरीद और बिक्री पूरी तरह से इन्टरनेट की मदद से होता है, और जैसे ही हम अपने ब्रोकर के पास कोई स्टॉक खरीदने और बेचने का आर्डर देते है,ब्रोकर अगले सेकंड ही उस आर्डर को स्टॉक मार्केट तक पंहुचा देता है, और स्टॉक मार्केट हमारे आर्डर को किसी दुसरे काउंटर आर्डर से मैच करके हमारा आर्डर कम्पलीट कर देता है, ये सब कुछ बहुत फ़ास्ट तरीके से होते है, STOCK खरीदने और बेचने का ...

Demat account के फायदे :

 DEMAT DEMAT का फुल फॉर्म है – DEMATERIALISED और DEMATERIALISED का हिंदी अर्थ है – भौतिक रूप में नहीं होना, DEMAT ACCOUNT क्या होता है स्टॉक मार्केट एक समबन्ध में DEMAT ACCOUNT का इस्तेमाल ऐसे ACCOUNT और LOCKER के रूप में किया जाता है, जहा ख़रीदे गए शेयर्स को जमा किया जाता है, DEMAT ACCOUNT को सिर्फ और सिर्फ शेयर्स खरीदने के बाद उसे रखने के काम में लिया जाता है, और जब हम शेयर्स को बेचते है, तो वो शेयर्स हमारे DEMAT ACCOUNT से निकल कर शेयर्स खरीदने वाले के DEMAT ACCOUNT में जमा हो जाते है, “DEMAT ACCOUNT किसी बिज़नस के गोदाम की तरह होता है, जहा ख़रीदा गया मॉल यानि शेयर्स को रखा जाता है, और बेचने पर उस गोदाम से माल यानी शेयर्स को निकाल कर खरीदने वालो को दे दिया जाता है” DEMAT ACCOUNT HISTORY भारत में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने वर्ष 1996 से शेयर्स को DEMAT ACCOUNT में जमा करना शुरू कर दिया था, उस से पहले पुराने ज़माने में जब शेयर्स खरीदने के लिए इन्टरनेट और कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं होता था, तब हम जो भी शेयर्स खरीदते थे, वो शेयर्स हमें शेयर सर्टिफिकेट के रूप में हाथों हाथ लेना और देना होता थ...

Demat अकाउंट कहा और कैसे ओपन किया जाता हैं:

 इस पोस्ट में हम जानेंगे- DEMAT अकाउंट खोलने के लिए आवश्यक DOCUMENTS DEMAT अकाउंट फ़ीस कितना होता है, DEMAT अकाउंट नॉमिनेशन आइये सबसे पहले देखते है- DEMAT अकाउंट कहा ओपन किया जाता है, भारत में SEBI द्वारा बनाए गाइडलाइन के अनुसार Demat Account सर्विस दो प्रमुख संस्थाओ द्वारा दी जाती है, ये दोनों संस्था है, NSDL (The National Securities Depository Limited) CDSL (Central Depository Services (India) Limited) अगर आपने ध्यान दिया होगा, तो आपको पता होगा कि, PAN CARD भी इन्ही दोनों संस्थाओ में प्रमुख रूप से NSDL द्वारा बनाया गया होता है, और हो सकता है आपने पैन कार्ड के सम्बन्ध में NSDL का नाम पहले जरुर सुना होगा, खैर बता दे कि जिस तरह PAN CARD बनाने के लिए आप किसी एजेंट की मदद से ऑनलाइन एप्लीकेशन देते है, और कुछ दिनों में आपका पैन कार्ड बन जाता है, वैसे ही आपको DEMAT अकाउंट खोलने के लिए आपको डायरेक्टली NSDL और CDSL के पास जाने की जरुरत नहीं , और आप DEMAT अकाउंट खोलने का एप्लीकेशन किसी भी प्रमुख बैंक और स्टॉक ब्रोकर के पास कर सकते है, और अगर बात की जाये स्टॉक ब्रोकर की तो सभी प्रमुख स्टॉक ब्...

Blue chip shares

 BLUE CHIP SHARES ब्लू चिप शेयर क्या होता है ? अगर आप स्टॉक मार्केट में इंटरेस्ट रखते है, तो आपने कई बार Blue Chip Share और ब्लू चिप कंपनी का नाम जरुर सुना होगा, आज हम इसी बारे में बात करेंगे कि ब्लू चिप शेयर और ब्लू चिप कंपनी क्या होता है ? BLUE CHIP COMPANY सबसे पहले बात करते है ब्लू चिप के बारे में, वास्तव में ब्लू चिप शब्द का इस्तेमाल अमेरिका में पोकर नाम के के खेल में किया जाता था, पोकर नाम के इस खेल में ब्लू चिप वाले कॉइन सबसे कीमती होते थे, धीरे धीरे स्टॉक मार्केट में इस Blue Chip शब्द का इस्तेमाल स्टॉक मार्केट में उन कम्पनी के लिए किया जाने लगा, जो कंपनी सबसे ज्यादा भरोसेमंद थी, आज Blue Chip Company से हमारा मतलब उन कंपनी से है, जो मार्केट कैप के हिसाब से मिड कैप या अधिकतर लार्ज कैप कम्पनी होती है, और ये कंपनी अपने अपने इंडस्ट्रीज की सबसे टॉप कंपनी होती है, साथ ही साथ इन कंपनीज में नियमित लाभ कमाने की क्षमता भी होती है, और इनका मार्केट में भरोसेमंद कंपनी के दृष्टि से बहुत अच्छा नाम होता है, इस बात को भी ध्यान में रखना चाहिए कि BLUE CHIP COMPANY को पता लगाने का कोई ऐसा FIXED...

स्मॉल कैप, मिड कैप, और लार्ज कैप small cap mid cap large cape :

  हमने इस से पहले Market Capitalization के बारे में बात की थी, आज हम मार्केट कैप पर आधारित तीन अलग अलग महत्वपूर्ण concept को समझेंगे, और साथ ही साथ ये भी जानेंगे स्माल कैप, मिड कैप, और लार्ज कैप के क्या फायदे और नुकसान है, स्माल कैप, मिड कैप, और लार्ज कैप Small Cap Mid Cap Large Cap भारत के दोनों सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE जिसपे 1600 से ज्यादा कम्पनी लिस्टेड है और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज BSE जिसपे 5000 से भी ज्यादा कंपनी लिस्टेड है, इन सभी लिस्टेड कंपनी को मार्केट कैप के आधार पर तीन अलग अलग भागो में बाटा जा सकता है- small cap mid cap large cap 1 स्माल कैप कम्पनी 2 मिड कैप कम्पनी 3 लार्ज कैप कम्पनी आइये अव इनके बारे में डिटेल में बात करते है- स्माल कैप (Small Cap ) या स्माल कैप कम्पनी (Small Cap Companies) आम तौर पर जिन कम्पनी का Market Capitalization या मार्केट कैप 1000 करोड़ तक होता है, वे सभी कंपनी स्माल कैप कम्पनी की श्रेणी में आते है, और इन्हें स्माल कैप शेयर या स्माल कैप कम्पनी कहा जाता है, जैसे – Aadhaar Ventures India Ltd, A2Z Infra Engineering L...

मार्केट कैपिटलाइजेशन mark capitlaization

 Market Capitalization को शोर्ट में मार्केट कैप (Market Cap) भी कहा जाता है,मार्केट कैप वास्तव में किसी कंपनी का कुल वैल्यू होता है, मार्केट कैप से हम ये समझ सकते है कि शेयर कैपिटल के हिसाब से कोई कंपनी कितनी बड़ी है या कितनी छोटी, आम तौर पे नए लोग, स्टॉक मार्केट में लिस्टेड कंपनी के share price को देखकर, ऐसा समझ लेते है कि, जिस कंपनी का share price ज्यादा है. वह बड़ी कंपनी है, और जिस कम्पनी का share price कम है. वह छोटी कंपनी है, जैसे – अगर किसी स्टॉक का प्राइस 1000 रूपये है, और एक दुसरे स्टॉक जिसका प्राइस 100 रूपये है, तो आम तौर पर नए लोग 1000 रूपये वाले शेयर प्राइस को ज्यादा बड़ी कम्पनी मान लेते है , जोकि सच नहीं है और पूरी तरह से एक गलत है, सच तो ये है कि किसी कम्पनी के मार्केट कैप की तुलना से ही ये समझा जा सकता है कि कोई कंपनी कितनी बड़ी है या कितनी छोटी, दूसरी तरफ इस तथ्य को समझना भी बहुत महत्वपूर्ण है कि किसी शेयर के प्राइस में होने वाले चेंज का सीधा असर उस कंपनी के मार्केट कैप पर पड़ता है, इसलिए Market Capitalization को समझना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है, MARKET CAPITALIZATION की ...

Bull (तेजी) और Bears (मंदी) :

 आप इस बात को अच्छी तरह से समझे की STOCK MARKET में दो तरह के लोग यानी निवेशक होते है, एक को BULLS तो दुसरे को BEARS कहा जाता है, ऐसे लोग BULLS कहे जाते है , जिनको लगता है की मार्केट ऊपर जायेगा – इसलिए वो स्टॉक खरीदते और आशा करते है कि जब मार्केट ऊपर जायेगा तो बेच कर लाभ कमा सकते है, और दुसरे ऐसे लोग BEARS कहे जाते है, जिनको लगता है की मार्केट गिरने वाला है – इसलिए वो स्टॉक बेचते और और ऐसे में कुछ लोग SHORT SELLING करके भी लाभ कमाते है, अगर आप NEWSPAPER और TV या INTERNET पर जब स्टॉक मार्केट समाचारों को देखेंगे तो आपको अगर मार्केट ऊपर जा रहा होगा तो मार्केट को BULLISH बताया जाता है, और अगर मार्केट निचे गिर रहा हो तो मार्केट BEARISH है, ऐसे देखने और सुनने को मिलता है, BULLS और BEARS स्टॉक मार्केट की भाषा में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले शब्द है, इसलिए बुल्स और बेअर्स को अच्छी तरह से समझना आवश्यक है, आज हम इसी बारे में बात करेंगे और समझेंगे, आखिर BULLS और BEARS क्या होता है, और शेयर मार्केट में इसका क्या महत्व है और इसका इस्तेमाल किस तरह से किया जाता है, BULLS और BEARS का अर्थ – बुल...

Sensex क्या है ? Sensex की गणना कैसे की जाती है ?

 Sensex हमारे इंडियन स्टॉक मार्केट का बेंचमार्क इंडेक्स है, जो BOMBAY STOCK EXCHANGE – BSE में LISTED शेयर्स के भाव में होने वाली तेजी और मंदी को बताता है, स्टॉक मार्केट इंडेक्स के बारे में हमने पहले बात की है, SENSEX भारत का सबसे पुराना STOCK INDEX है, जिसकी स्थापना 1986 में हुई थी, स्टॉक मार्केट इंडेक्स का सबसे महत्वपूर्ण काम ये होता है, कि वो स्टॉक मार्केट में लिस्टेड सभी शेयर्स के भाव को capture करता है, और एक औसत वैल्यू देता है , जिस से कि हमे उस स्टॉक मार्केट के सभी शेयर्स के भावो में होने वाली तेजी और मंदी की सुचना आसानी से मिल सके. SENSEX से हमें क्या जानकारी मिलती है ? सेंसेक्स से हमें पता चलता है, जिन कंपनीज के शेयर BSE में LISTED है, वो कंपनी किस तरह काम कर रही है, अगर कम्पनी अच्छा काम कर रही है, लाभ कमा रही है , तो उसका असर कंपनी के शेयर के भाव में दीखता है , और शेयर्स के भाव बढ़ जाते है, और शेयर के भाव बढ़ने से सेंसेक्स में भी तेजी आती है, इसी तरह अगर कम्पनी का लाभ कम हो रहा है, तो इसका असर उसके शेयर के भाव पर पड़ता है, और शेयर्स के भाव में कमी आने से sensex में कमी आती ह...

Stock Market Index क्या है ? Stock market Index:

 STOCK MARKET INDEX STOCK MARKET INDEX क्या है? STOCK MARKET INDEX की क्या जरुरत है? STOCK MARKET INDEX के क्या फायदे या इस्तेमाल है? अगर आपके मन मे भी STOCK MARKET INDEX से सम्बंधित कुछ इस तरह के सवाल है, तो आप इस आर्टिकल को पूरा जरुर पढ़े, क्योंकि मैं आज आपसे इसी के बारे में बात करने वाला हु, STOCK MARKET INDEX क्या है? Index का हिंदी अर्थ होता है – सूची या सूचकांक, और सूची का दूसरा अर्थ आप समझ सकते है – एक लिस्ट, और सूचकांक का दूसरा अर्थ है – अंको की सूचना (Information), इस तरह स्टॉक मार्केट इंडेक्स वह तरीका है,जो स्टॉक मार्केट में लिस्टेड कंपनी के इनफार्मेशन को अंको द्वारा बताता है, इंडेक्स द्वारा, किसी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनी के कारोबार और उनके शेयर में होने वाले हर एक मिनट की तेजी और मंदी को बहुत आसानी से समझा जा सकता है, अगर स्टॉक मार्केट इंडेक्स अपने पिछले दिन के अंक से ऊपर है, तो ऐसा समझा जा सकता है कि आज बाजार फायदे में काम कर रहा है, और अगर स्टॉक मार्केट इंडेक्स में पिछले दिन के मुकाबले, आज इंडेक्स के अंको में गिरावट है,तो ऐसा समझा जाता है कि बाजार नुकसान में काम...

Share की विशेषता और फायदे:

 दोस्तों, शेयर्स के बारे में कुछ और जानकारी के साथ आज हम SHARE या STOCK के बारे में कुछ विशेष बाते और इसके फायदे तथा नुकसान के बारे में भी बात करेंगे, तो आइये देखे BENEFITS OF SHARE दोस्तों, हम SHARE की विशेषता, फायदे और नुकसान को, कंपनी और शेयर खरीदने वाले यानी निवेशक दोनों की नजर से देखेंगे, निवेशक की नजर से – शेयर के चार सबसे बड़े फायदे 1 लाभ में हिस्सा -(DIVIDEND का लाभ) – कंपनी जितना अधिक लाभ कमाती है, उसके शेयर धारक को उसी अनुपात में लाभ के रूप में लाभांश (DIVIDEND) देती है.इस तरह एक निवेशक को शेयर्स से मिलने वाला सबसे बड़ा लाभ , कंपनी द्वारा , कंपनी के द्वारा लाभ में दिया जाने वाला हिस्सा यां लाभांश है. 2 सबसे अधिक लाभ वाला INVESTMENT -(HIGH RATE OF RETURN) –ये समय के साथ साबित हो चूका है कि, किसी भी अन्य INVESTMENT की तुलना में STOCK MARKET यानी SHARE में INVESTMENT से सबसे अधिक लाभ होता है, और ये लाभ कंपनी के लाभ बढ़ने के साथ बढ़ता रहता है, शेयर्स पर लाभ की कोई अधिकतम सीमा नहीं है, जबकि निवेश के अन्य विक्ल्पो जैसे – FIXED DEPOSIT में लाभ के रूप में मिलने वाला व्याज दर हमेशा FI...

Share क्या है ?

Stock Market में सबसे महत्वपूर्ण है ” शेयर” या “स्टॉक”, और STOCK MARKET पूरी तरह इसी SHARE के CONCEPT पर टिका है, इस लिए STOCK MARKET में प्रवेश से पहले शेयर या स्टॉक को अच्छी तरह से समझना बहुत जरुरी हो जाता है, इसी सन्दर्भ में आज हम बात करेंगे की “STOCK” या “SHARE क्या है ?” WHAT IS SHARE ? Share को हिंदी में अंश, या प्रतिभूति भी कहा जाता है दोस्तों, सबसे पहले या समझना है कि”शेयर (SHARE), STOCK (स्टॉक) या EQUITY (इकविटी), तीनो एक ही चीज़ है” शेयर का अर्थ हिस्सा होता है ,और हिस्सा हमारे DAY TO DAY लाइफ में किसी भी चीज़ में हो सकता है, लेकिन क्योकि हम बात कर रहे है, पूंजी बाजार के सम्बन्ध में ,इसलिए , “शेयर मार्केट में शेयर किसी कंपनी की पूंजी में एक हिस्से को कहते है” शेयर कम्पनी की पूंजी का एक हिस्सा होता है, SHARE किसी कंपनी की पूंजी के एक छोटे से छोटे हिस्से को कहते है, शेयर पूंजी का एक हिस्सा होता है, जैसे – एक XYZ कंपनी की पूंजी है 100 करोड़ और अगर उस पूंजी को 1 करोड़ हिस्सों में DIVIDE कर दिया जाये, तो उस कम्पनी की पूंजी 1 करोड़ हिस्सों यानि 1 करोड़ शेयर में DIVIDE हो गई, और प्रत्येक श...

Stock market में निवेश की शुरुआत कितने रूपये से करे ? How much money we need to invest in stock market ?

Stock Market में Invest करने के लिए, आपके पास कितने रुपये होने चाहिए, तो एक बात बिलकुल साफ़ साफ़ समझना होगा, की भारत में Stock Market में Invest के लिए किसी तरह की कोई भी पैसे की मात्रा को लेकर कम से कम या ज्यादा से ज्यादा की कोई सीमा नहीं है, आप, यहाँ किसी भी अमाउंट के साथ शुरुआत कर सकते है, 1 रूपये से भी शुरुआत की जा सकती है ,यानी आपके पास जितने भी पैसे है, आप उनसे शुरुआत कर सकते है, बस आपको अपने investment करने का उद्देश्य पता होना चाहिए, ताकि आप उस निवेश से बेहतर लाभ कमा सके, आप जो शेयर्स, जितनी मात्रा में, खरीदना चाहते है, अगर आपके पास उनते पैसे है, तो आप वो शेयर्स खरीदने आर्डर स्टॉक मार्केट में दे सकते है, INTRA DAY TRADING के लिए कितना पैसा चाहिए- अगर आप इंट्रा डे ट्रेडिंग करते है, तो आपको अपने Broker से इंट्रा डे ट्रेडिंग के लिए, मार्जिन मनी भी मिल जाता है, आप इस मार्जिन मनी से इंट्रा डे अपने पैसे से 10 से 20 गुना ज्यादा भी शेयर खरीद सकते है, लेकिन ऐसे सौदे में आपको इंट्रा डे में ही सौदे को पूरा करना है, ताकि Broker को अपना मार्जिन मनी उसी दिन मिल जाये. शेयर की खरीद DELIVERY पर ल...

Stock Market में निवेश की शुरुआत कब करे ? When to start stock Market ?

 इस सम्बन्ध में शेयर मार्केट के जादूगर और एक समय दुनिया के सबसे अमीर आदमी “वारेन बफे” ने एक बहुत सुन्दर बात कही है , की मैंने , की उन्होंने बहुत देर कर दी, INVESTMENT करने में, तो आप समझ सकते है, की INVESTMENT जितना जल्द आप शुरू कर सकते है, कर देना चाहिए, INVESTMENT करने की कोई उम्र नहीं होती, बस इसे करते रहना चाहिए, ताकि आपको INVESTMENTके लाभ मिल सके, INVESTMENTनहीं करने से आप पैसा बनाने का बहुत बड़ा मौका गवाते रहते है. INVESTMENT जल्द शुरू करने का सबसे बड़ा लाभ तो ये होता है, आपके पास अपने INVESTMENT से धन बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है, जिस से आप कम से कम रिस्क लेकर अधिक से अधिक लाभ कम सकते है, और साथ ही साथ आपको इस दुनिया के सबसे बड़े अजूबे COMPOUNDING का लाभ मिलता है, COMPOUNDING और समय का लाभ उठा के बहुत आसानी से काफी सारा धन बना सकते है, इस तरह अगर देखा जाये तो जब कोई ये पुछता है की Stock Market की में निवेश शुरुआत कब करे? तो उसका यही जवाब होगा की , जितना जल्द हो सके, उसे INVESTMENT शुरू कर देना चाहिए, जल्द से जल्द INVESTMENT का सबसे बड़ा लाभ है – 1 INVESTMENT GROWTH के ...